
सरकार बदली, सरकारी रवैया नहीं: सड़क बनाने की घोषणा का कीजिए अगली बारिश तक इंतजार!
सरकार बदली, सरकारी रवैया नहीं: सड़क बनाने की घोषणा का कीजिए अगली बारिश तक इंतजार! इस लाइन के गवाह बलौदा बाजार जिले के लोग हैं, जो पिछले कई वर्षों से बलौदा बाजार की सड़कों के ठीक होने का इंतजार कर रहे हैं। सड़कों के साथ जिले वासियों की किस्मत कब चमकेगी? कोई नहीं जानता… जनता के साथ सड़कें भी नहीं! हां नेताओं और मंत्रियों को जो पता है वो है वे उसे कर रहे हैं और वह है घोषणा! घोषणा! और सिर्फ घोषणा! क्योंकि प्रदेश में सरकार बदली, लेकिन सरकारी रवैया वही है। एक बार फिर जिले की सड़कों को बनाने की घोषणा हो गई है, यह कब तक बन जाएगी इसकी मियाद तय नहीं है, लेकिन हां इसके लिए आपको अगली बारिश तक का इंतजार जरूर करना चाहिए।
प्रशासनिक रिपोर्टर|बलौदा बाजार
छत्तीसगढ़ की सरकार एक बार फिर से बलौदा बाजार जिले की जर्जर सड़कों की सुध ली है। उनको चमकाने की घोषणा कर दी है। पूरे 78.25 करोड़ रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति भी मिल गई है। तो आपका सवाल होगा अब क्या बचा? बचा है, भूमि पूजन, लोकार्पण और शिलान्यास। सिर्फ वही जो पिछले कई वर्षों से बाकी है — असल निर्माण कार्य।

सरकार से सड़कों के लिए बजट राशि जारी होने के बाद बलौदा बाजार की सड़कों का निर्माण होगा इसको लेकर जनता के बीच इसकी खूब चर्चा है, लेकिन उनके बीच में यह सवाल भी है कि आखिर सड़कें तो बनेंगी, लेकिन कब? यह एक राज है! जो निर्माण एजेंसियों को भी अभी तक नहीं पता है।
सरकार बदली, सरकारी रवैया नहीं के घोषणाओं की लंबी श्रृंखला या लॉलीपॉप में एक और चमकदार कड़ी जुड़ गई है। वह है नयापारा से सकरी सतभांवा मार्ग (5.8 किमी) — जहां सड़क की जगह अब “झूला रोड” है, इतने उबड़-खाबड़ कि बाइक वालों को हेलमेट से ज्यादा हड्डी की रिपोर्ट साथ रखनी पड़ती है। यही हाल बलौदा बाजार-रिसदा बाईपास (7 किमी) बाईपास की है, कहने के लिए तो यहां बायपास है, लेकिन बाईपास करने लायक नहीं बचा है। इसी तरह से रिसदा-हथबंद-सिमगा मार्ग (48.60 किमी) की भी घोषणा की गई है। इस सड़क ने हादसों का इतिहास रच दिया है। पिछले वर्षों में कई दुर्घटनाएं, कई ज़िंदगियां और अनगिनत गाड़ियां इस डामर के नाम पर बनी धूल, गड्ढे में समा चुकी हैं।
सड़क मांगने का इतिहास है, घोषणाओं से भरपूर
इन सड़कों की हालत कोई नया मुद्दा नहीं है। सरकार बदली, सरकारी रवैया नहीं। ग्रामीणों ने हर पंचायत, हर चुनाव और हर बारिश में इनकी मरम्मत की मांग की है। इतना ही नहीं हर दुर्घटना के बाद बायपास की मांग की गई, लेकिन पिछली सरकारों ने भी घोषणा की। वर्तमान सरकार ने भी कम से कम दो बार वादा किया — अब जाकर बजट का प्रावधान हुआ है। लेकिन निर्माण की तारीख? वो अभी भी अफसरों की फाइलों में खोई हुई है, जैसे किसी सड़क के गड्ढे में समा गई हो।
घोषणा विकास योजना बनाम हकीकत की सड़क
घोषणाएं — चमचमाते प्रेस नोट में दर्ज हकीकत — सड़क पर दर्ज हर गड्ढे की गहराई में छुपा सवाल कि कब बनोगी तू, ऐ सड़क?जनता की आवाज भी अब व्यंग्य में तब्दील हो गई है।सड़क बनने की बात अब मजाक जैसी लगती है। बच्चे जो गोद में थे, अब बाइक चला रहे हैं, लेकिन रास्ता अभी भी वही पुराना टूटा हुआ।
ग्रामीण यह भी कहते हैं कि कुछ समय बाद लगता है गांवों में शादी-ब्याह में लड़की वाले यह नहीं पूछेंगे कि लड़का क्या करता है… पूछेंगे कि तुम्हारे गांव में सड़क है या घोषणा ही है? हालांकि सरकार का जवाब है काम समय पर पूरा होगा।
दावा है कि बलौदा बाजार जिले में विकास की रफ्तार अब और तेज होने जा रही है। राज्य सरकार ने जिले की सड़कों को मजबूत और सुगम बनाने के लिए 78.25 करोड़ रुपए की बड़ी सौगात दी है। यह राशि न केवल नई सड़कों के निर्माण में खर्च होगी, बल्कि जर्जर हो चुकी सड़कों की मजबूती और पुल-पुलियों के निर्माण पर भी लगाई जाएगी।
दावा यह भी है कि यह सब राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा के प्रयासों से हो रहा है। लोक निर्माण विभाग ने इस पूरी योजना को हरी झंडी दे दी है। इसे माना यह जा रहा है कि केवल सड़क नहीं, बल्कि गांवों को शहरों से जोड़ने वाला एक मजबूत रिश्ता है। इससे खेती-किसानी, व्यापार और शिक्षा के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।
कौन सी सड़क कितनी बड़ी और खर्चीली होगी
नयापारा से सकरी सतभाँवा तक 5.8 किलोमीटर सड़क के निर्माण के लिए 7.82 करोड़ रुपए खर्च होंगे। जबकि बलौदा बाजार-रिसदा बाईपास मार्ग 7 किलोमीटर सड़क के लिए 20.98 करोड़ रुपए। रिसदा-हथबंद-सिमगा मार्ग 48.60 किलोमीटर की मजबूतीकरण के लिए 49.17 करोड़ रुपए खर्च किए जाने हैं।
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उन्नत तकनीक, कड़ी निगरानी से बनेगी सड़क
सड़क निर्माण कार्य के लिए दावा किया जा रहा है कि आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जाएगा और निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष नजर रखी जाएगी। शासन ने निर्देश दिए हैं कि हर परियोजना तय समय सीमा में पूरी हो, नहीं तो ठेका एजेंसियों पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। हालांकि ठेका अभी किसी को नहीं मिला है। इसके साथ ही पर्यावरणीय और सुरक्षा मानकों का पालन करना भी अनिवार्य होगा।
इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के नाम पर जनता से छल
बलौदा बाजार में अल्ट्राटेक सीमेंट, श्री सीमेंट, न्यू विष्टा, एपीएल अपोलो जैसी कंपनियों को जोड़ने वाली सड़क की हालत बहुत दयनीय है। इस सड़क से एक बार सुरक्षित गुजर जाने के बाद ट्रक ड्राइवर और मालिक राहत की सांस लेते हैं। इस जर्जर हाल सड़क पर आए दिन जाम की स्थिति निर्मित हो रही है। मालवाहा गाड़ियों के आवाजाही के कारण पिछले 4 वर्षों से इस मार्ग से सवारी गाड़ियों का आवागमन बंद हो चुका है। इधर कई घंटे के जाम और बदहाल सड़क के कारण हर दिन मालवाहक वाहनों के पार्ट्स टूट रहे हैं।
Author: Deependra Shukla
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